लकी और धनंजय के पर्चे खारिज होने का खतरा टलने से पत्नियां हट सकती हैं चुनाव मैदान से

मल्हनी उपचुनाव के दो‌ प्रमुख प्रत्याशी सत्ता के खौफ से त्रस्त

जौनपुर। मल्हनी उपचुनाव में ताल ठोक रहे दो प्रमुख प्रत्याशियों सपा के लकी यादव और निर्दल धनंजय सिंह की पत्नियों को डमी प्रत्याशी माना जा रहा है। नामांकन पत्र दाखिल किए जाने की अवधि समाप्त होने के एक दिन पूर्व लकी यादव की पत्नी पुष्पा यादव और अंतिम दिन धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह द्वारा दाखिल नामांकन पत्र सोमवार को वापस ले लिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। समझा जा रहा है कि दोनों पतियों के नामांकन पत्र वैध घोषित होने के कारण, उनकी पत्नियों द्वारा विकल्प के तौर पर दाखिल किए गए नामांकन पत्र वापस ले लिए जाएंगे।

लगाए जा रहे कयास के मुताबिक समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लकी यादव और निर्दल चुनाव लड़ रहे पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह ‘सत्ता की ताकत’ से अदृश्य खतरा महसूस कर रहे हैं। इन प्रत्याशियों द्वारा अंतिम समय में अपनी पत्नियों से भी नामांकन पत्र दाखिल कराया जाना उसी ‘खौफ’ का एक नमूना माना जा रहा है। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्र किसी तकनीकी वजह से निरस्त किए जाने की दशा में उनकी पत्नियां उनकी सियासी नैया की तात्कालिक खेवनहार हो सकती थी। फिलहाल वह खतरा टला दिखाई दे रहा है। हालांकि कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि पत्नियों को ‘डमी प्रत्याशी’ बनाकर दोनों लोग अपने प्रचार अभियान में दोगुनी ताकत लगा सकने की कोशिश में है। लेकिन पिछले दो चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा डमी प्रत्याशियों के खिलाफ लगातार की गई घेराबंदी याद दिलाती है कि ऐसे मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।

गौरतलब है कि सरकारी मशीनरी द्वारा उठाए गए कुछ कदमों से गैर भाजपा प्रत्याशी काफी असुविधा महसूस कर रहे हैं और तरह-तरह की आशंका से ग्रसित हैं। हाल ही में मल्हनी विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत कुछ ऐसे सरकारी कर्मचारियों को तलब करके जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें सियासत में न पड़ने की चेतावनी दी, जिनको स्व. पारसनाथ यादव का खास या रिश्तेदार माना जाता है। ब्लाकों पर तैनात कुछ ऐसे कर्मचारियों को पूरी निर्वाचन प्रक्रिया तक ब्लाक कार्यालय से बाहर न निकलने का हुक्म दिया गया है। सूत्रों का दावा है कि मल्हनी विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान सपा विधायक स्व. पारसनाथ यादव ने अखिलेश सरकार के कार्यकाल में ताकतवर कैबिनेट मंत्री रहते हुए कुछ विभागों में काफी लोगों को सरकारी सेवा में रखवाया और इनमें से तमाम लोगों की तैनाती अपने क्षेत्र में करवाई थी। स्वाभाविक तौर पर अपने पिता की सीट पर दावा ठोंक रहे लकी यादव को ऐसे लोगों से काफी उम्मीदें होंगी, लेकिन ऐसे कर्मी तो अधिकारियों के राडार पर हैं।

दूसरी तरफ इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्दल उप चुनाव लड़ रहे दूसरे किरदार धनंजय सिंह अपने खिलाफ लखनऊ में एक मामला दर्ज होने से आशंकित हैं। पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ शुक्रवार देर रात को विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। एसटीएफ ने उन पर पर गोपनीय पत्र लीक करने का आरोप लगाया है। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड संजय शुक्ला के मुताबिक एसटीएफ के अधिकारियों की तहरीर पर यह मुकदमा ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। आरोप है कि सुरक्षा लेने के लिए पूर्व सांसद ने गोपनीय पत्र को लीक किया, जो कानूनन अपराध है। अब एसटीएफ इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ, जौनपुर और दिल्ली में कई मुकदमे दर्ज हैं।

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