पुत्र के हत्यारों को सजा दिलाने और न्याय पाने के लिए लड़ेंगे अंतिम दम तक

सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील ए पी सिंह की मौजूदगी में सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी पिता का संकल्प

जौनपुर । आयकर विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी करीब डेढ़ साल पहले हुई अपने युवा पुत्र की अस्वाभाविक मौत का मामला लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। मूलत: जौनपुर के रहने वाले और वर्तमान में पांडेयपुर (वाराणसी) निवासी सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी कमलेश रंजन ने बुधवार को यहां बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके पुत्र रविकांत रंजन की मौत कोई दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। दो बीघा जमीन वारदात की बुनियाद थी। उन्होंने कहा कि अपने पुत्र के हत्यारों को सजा दिलवाने और न्याय पाने के लिए वे अंतिम दम तक लड़ेंगे।
पत्रकारों से वार्ता के समय सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाथरस कांड जैसे कई चर्चित मामलों में वकील की भूमिका निभाने के कारण मीडिया की सुर्खियों में रहे डॉ. ए. पी. सिंह भी मौजूद रहे। संबंधित वारदात जौनपुर के मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गरियांव में 3/4 जून 2019 की रात में हुई थी। मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बद्दोपुर गांव के मूल निवासी कमलेश रंजन का युवा पुत्र रविकांत रंजन एक कार्यक्रम में शामिल होने गरियांव गया था जहां बाद में उसका शव बरामद हुआ काफी हुज्जत के बाद मीरगंज पुलिस ने अपराध संख्या 106/19 धारा 302, 201 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया। वादी का आरोप है कि अभियुक्तों को बचाया जा रहा है। इस बाबत माननीय उच्च न्यायालय की रिट पिटीशन संख्या 22383/2019 पर 27.11.19 को आदेश पारित किया गया था कि प्रार्थी अपनी बात को संबंधित दंडाधिकारी के समक्ष रखे, जिन्हें विवेचना की माॅनिटरिंग का भी अधिकार उच्य न्यायालय की विधि व्यवस्था के अनुसार प्राप्त है।
बुधवार को जौनपुर न्यायालय में पैरवी करते समय सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील डॉ.ए.पी.सिंह ने भी हत्या और अभियुक्तों की संलिप्तता से संबंधित तथ्यों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अपराध पंजीकृत होने के बावजूद घटना की निष्पक्ष विधिसम्मत विवेचना किए बिना जांच अधिकारी और संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच न होने के कारण अभियुक्तों द्वारा खुलेआम मृतक के परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। न्यायालय के समक्ष विवेचना में छोड़ दिए गए साक्ष्यों का भी जिक्र किया गया।
सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी कमलेश रंजन का आरोप है कि उनके द्वारा अपने ससुराल में लिखाई गई 2 बीघा जमीन में हिस्सेदारी को लेकर अपने चचेरे साले से विवाद के कारण उनके पुत्र की हत्या की गई। कहा कि उनके परिवार की सुरक्षा भी खतरे में है क्योंकि अभियुक्त धनबल, जनबल और बाहुबल से न्याय की हत्या करने में लगे हैं और समस्त जांच की कार्यवाही व न्याय की अवधारणा को पूरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं।

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