धनंजय सिंह को लेकर योगी पर निशाना साधते अखिलेश का जवाब देने उतरी पत्नी

जिला पंचायत अध्यक्ष कला सिंह ने सपा अध्यक्ष के ट्वीट को बताया अशोभनीय,कहा विरोधी झांके अपने गिरेबान

जौनपुर। माफिया की लिस्ट में शामिल पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह के बहाने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एकबार फिर योगी सरकार पर हमलावर हैं। सत्ताधारी भाजपा के नेता इस मुद्दे पर खामोश हैं लेकिन इस बार जवाब देने पूर्व सांसद की पत्नी श्रीकला सिंह सामने आई हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह ने कहा कि जब-जब चुनाव नज़दीक आता है तब-तब मेरे पति पूर्व सांसद धनंजय सिंह की छवि को धूमिल करने के लिए विरोधी तरह-तरह की बयानबाजी शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पति पर 25 हजार का इनाम घोषित हुआ था तो उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया और एक महीने तक जेल में रहे। जब कोई भी व्यक्ति कोर्ट में सरेंडर कर देता है तो इनाम वैसे ही समाप्त हो जाता है। सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव ने ट्विट कर जो बयान जारी किया वह अशोभनीय है। पूर्व सांसद के बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी घबरा गये हैं इस तरह की बयानबाजी करने वालों को अपने गिरेबान में खुद झांकना चाहिए। आखिर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस तरह की बयानबाजी करके क्या साबित करना चाहते हैं। इस मामले में विवेचना चल रही है। विवेचना के बाद ही सब कुछ साफ हो जायेगा। ऐसी बयानबाजी से उनकी छवि पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।

गौरतलब है कि प्रदेश में लगातार चल रही चुनावी रैलियों और सभाओं में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास उत्तर प्रदेश से माफिया राज का सफाया करने और पूर्ववर्ती सपा सरकार को अपराधियों का संरक्षक बताने को प्रमुख मुद्दा बनाने की सही काट विरोधी नेता नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में आपराधिक पृष्ठभूमि के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के जरिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव काउंटर अटैक की कोशिश में हैं। दो दिन पूर्व धनंजय सिंह ने मछलीशहर ब्लाक के करियाँ गांव में एक क्रिकेट टूर्नामेंट का क्रिकेट खेलकर उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद कुछ न्यूज़ चैनल्स पर समाचारों में सवाल खड़े किए गए। इसके बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी वीडियो के साथ अपने ट्वीट में योगी सरकार को घेरने का प्रयास किया है। हालांकि अखिलेश यादव इसके पहले अपनी कुछ रैलियों में भी यह हथियार इस्तेमाल कर चुके हैं लेकिन इशारों में।

हाल ही में अपनी जौनपुर यात्रा के दौरान भी उन्होंने सवाल उछाला था कि “योगी जी बताएं कि जौनपुर के माफिया पर कब बुलडोजर चलेगा।” सुर्ख़ियों में धनंजय सिंह के आने का सबसे करीबी मामला चार जनवरी 2021 को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता चौराहे के पास पूर्व जेष्ठ ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोलियों से छलनी करके हुई हत्या का था। हमलावरों ने अजीत को 22 गोलियां मारी थीं। हत्याकांड में एक लाख के इनामिया गिरधारी उर्फ डाक्टर का नाम सामने आया था। नाटकीय ढंग से दिल्ली में गिरफ्तारी करवाने वाले गिरधारी को लखनऊ पुलिस रिमांड पर लेकर आई थी। पुलिस गिरधारी को असलहा बरामद करने के लिए लेकर जा रही थी, इसी दौरान भागने की कोशिश में उसे पुलिस ने मारा गिराया।

छानबीन में पता चला था कि एक अन्य शूटर को पूर्व सांसद धनंजय ने शरण दी थी और उसका इलाज भी कराया था। इसके बाद हत्याकांड की साजिश रचने में धनंजय का नाम मुकदमे में बढ़ाया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस धनंजय सिंह की सरगर्मी से तलाश कर रही थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर आलोचना झेल रही पुलिस ने ‘फरार’ घोषित करके धनंजय के ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए तथा आवास पर कुर्की की नोटिस लगने के बाद धनंजय सिंह खुटहन थाने में 2017 में दर्ज पुराने मामले में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट (प्रयागराज) में 5 मार्च 2021 को बेल बांड कैंसिल कराकर नैनी सेंट्रल जेल चले गए। 31 मार्च को कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया, तबसे धनन्जय सिंह जेल से बाहर हैं।

उधर पुलिस संबंधित मामले की विवेचना कर रही है। धनंजय सिंह लगातार सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। पुलिस से आंख-मिचौली के बीच हुए चुनाव में धनंजय सिंह अपनी पत्नी श्रीकला सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में सफल रहे, जिसे लेकर उनके विरोधी सरकार पर सवालियां निशान लगाते रहे हैं।

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