शाहगंज में ट्यूशन शिक्षक ने ही मासूम बच्चे को अगवा करने के बाद कर दी हत्या

फिरौती के लिए आईटीआई के दो छात्रों ने की वारदात, गिरफ्तारी के बाद कबूला अपनी करतूत

जौनपुर। शाहगंज में शनिवार को फिरौती के लिए अपहृत बालक अभिषेक की लाश देर रात खुटहन थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव के पास बरामद हुई है। शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के अयोध्या मार्ग पर बैंकर्स कालोनी निवासी दीपचंद यादव बीबीगंज में पैथोलॉजी चलाते हैं। उनका पुत्र अभिषेक (7 वर्ष) साउथ इंडियन स्कूल में यूकेजी का छात्र था, जो अपहरण और हत्या की वारदात का शिकार हो गया। पुलिस ने इस मामले में आईटीआई के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक कुछ समय पहले तक अभिषेक को ट्यूशन पढ़ाता था।ट्यूशन टीचर ने 7 साल के मासूम को ट्यूशन पढ़ने जाते समय रास्ते से साथ ले लिया और उसके बाद फोन से मैसेज कर परिजनों से 7 लाख रुपये की फिरौती मांगी, वहीं बच्चे के चिल्लाने पर मफलर से गला घोंट कर मासूम की हत्या कर दी।

एसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि शाहगंज बाजार में अभिषेक के घर से कुछ दूरी पर किराए के मकान में रहने वाले शिवम श्रीवास्तव और आकाश कुमार आईटीआई के छात्र हैं। कुछ समय पहले तक शिवम ही अभिषेक को ट्यूशन पढ़ाता था। लिहाजा उसका अभिषेक के घर अक्सर आना-जाना था। शनिवार को जब अभिषेक ट्यूशन के लिए तो रास्ते में शिवम मिला और टॉफी दिलाने के बहाने उसे बाइक पर बिठाकर अपने दोस्त आकाश के साथ खुटहन थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव स्थित पानी टंकी के पास ले गए। जब अभिषेक ने शोर मचाना शुरू किया तो दोनों ने मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद शव को वहीं छिपा दिया। कुछ देर बाद दोनों ने एक मोबाइल फोन छीना। उसमें से सिम निकालकर फोन बेच दिया और नया फोन लेकर अभिषेक के पिता दीपचंद को फिरौती के लिए मैसेज किया। वारदात के बाद दोनों घरवालों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आसपास ही घूम रहे थे। शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरी घटना बताई। दोनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन में विद्यालय बंद होने की वजह से पढ़ाई के लिए अभिषेक पास की यादव कॉलोनी में रह रही एक महिला के घर जाकर ट्यूशन पढ़ता था। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे अभिषेक अपने घर से ट्यूशन के लिए, लेकिन वहां नहीं पहुंच पाया। काफी देर तक न लौटने पर घर वालों ने खोजबीन शुरू की लेकिन पता नहीं चला। दोपहर करीब तीन बजे पिता के मोबाइल पर मैसेज कर अपहरण की सूचना देकर सात लाख की फिरौती मांगी गई थी। इन दिनों कोरोना काल के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। अभिभावक घर या उसके अगल-बगल बच्चों को ट्यूशन लगा कर पढ़ा रहे हैं। लेकिन जब ट्यूटर ही अपने छात्र का अपहरण करके निर्मम हत्या कर दे, तब अभिभावक कहाँ जाएं और किस पर विश्वास कर बच्चों को शिक्षा दें,यह सवाल उठ रहा है। वहीं इस घटना की सूचना के बाद पूरे दिन जिले के पुलिस अधिकारियों के सीयूजी फोन नं उठना भी सवालों के घेरे में है।

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