ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोकप्रिय होता करवा चौथ का पर्व, सुहागिनें पति के लिए रहीं निराहार

जौनपुर। जनपद में करवा चौथ की धूम धाम बुधवार को देर रात तक रही। करीब 5 – 7 वर्ष पहले से ही पति की सलामती के लिए महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला यह पर्व अधिक लोकप्रिय हुआ है और धीरे धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचने लगा है। कई क्षेत्रों में करवा चौथ के मौके पर सामूहिक पूजा और उत्सव जैसे आयोजन की भी खबर मिली है। अपने जीवनसाथी की लंबी आयु की कामना कर दिनभर निर्जला व्रत रहने के बाद महिलाओं ने शाम को चांद देखने के बाद पानी पीकर व्रत खोला।

शहर में विभिन्न कुछ संस्थाओं ने सामूहिक रूप से भी करवाचौथ पूजन के कार्यक्रमों का आयोजन किया था। बुधवार को मृगशिरा नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्ध योग में करवाचौथ मनाया गया। मान्यता है कि सर्वार्थ सिद्ध योग में करवाचौथ होने से व्रत करने वाली महिलाओं की मनोकामना अवश्य ही पूरी होती है। करवा चौथ की खरीदारी ज्यादातर महिलाओं के सोमवार को ही कर लिया था मंगलवार को उपचुनाव के कारण घोषित सार्वजनिक अवकाश के कारण महिलाओं को ऐसा करना पड़ा फिर भी तमाम सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ के दिन भी बाजार पहुंचकर करवा, छलनी, मिठाई, फल सहित श्रृंगार सामग्री की जमकर खरीददारी की।

आज से दो दशक पूर्व करवा जैसी चीजें जौनपुर के बाजार में खोजे नहीं मिलती थी लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने इसके विषय में जाना। फिल्मों और टीवी सीरियल के जरिए लोकप्रिय होते गए इस पर्व की अब जबरदस्त मार्केटिंग होने लगी है। इस पर्व पर अब अधिकांश छोटी बड़ी बाजारों में कई दिन पहले से सजी संवरी दुकानें लगने लगी हैं। करवा चौथ पर दिन भर महिलाएं पूजा और उत्सव की तैयारियों में व्यस्त रहीं। रात्रि को घरों की छतों पर पहुंचकर मुहूर्त के अनुसार चंद्रमा के दर्शन कर उसे छलनी से देखा और उसके बाद अपने पति का चेहरा छलनी में देखकर उपवास खोला। मान्यता के अनुसार करवा चौथ का व्रत पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं करती हैं। महिलाओं ने रात्रि में मुहूर्त के अनुसार छलनी से चंद्रमा के दर्शन कर भगवान गणेश व तुलसी माता की पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र के लिए आशीर्वाद मांगा। गौरतलब है कि यहां पति की लंबी आयु के लिए हरितालिका तीज का व्रत रखने का प्रचलन है।

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