मल्हनी क्षेत्र के सभी मतदाताओं तक वोटर पर्ची न पहुंचने पर सपा-कांग्रेस ने मचाया कोहराम

वोट देने के लिए कोई एक पहचान पत्र जरूरी है न कि वोटर पर्ची, आश्वस्त किया डीएम ने

जौनपुर। मल्हनी विधानसभा उपचुनाव में सभी मतदाताओं तक मतदाता पर्ची ना पहुंचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गैर भाजपा पार्टियों के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर कोहराम मचा दिया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता इस पर तीखी टिप्पणियां कर रहे हैं। नेताओं का दावा है कि यह सरकार की साजिश है और पर्चियां न बंटवा कर हजारों मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया से दूर रखने की साजिश की गई है। दूसरी तरफ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में दर्ज सभी मतदाताओं को मतदान का अवसर मिलेगा बशर्ते कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित पहचान पत्रों में से कोई एक उनके पास होना चाहिए। मतदाता पर्ची उनके पास है या नहीं इस आधार पर किसी को भी मतदान से रोका नहीं जा सकता।
जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने इस संदर्भ में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि अद्यतन मतदाता सूची में दर्ज सभी 3 लाख 65 हजार 13 मतदाताओं को उनके अपने बूथ पर मतदान करने का अधिकार होगा। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार निर्धारित 11 पहचान पत्रों में से कोई एक उन्हें अपनी शिनाख्त के लिए प्रस्तुत करना होगा। हो सकता है कि सभी बीएलओ तक मतदाता पर्चियां ना पहुंची हों। यह भी हो सकता है कि बीएलओ अपने सभी मतदाताओं तक पर्चियां न पहुंचा पाए हों। लेकिन मतदाता पर्ची प्रस्तुत न करना किसी मतदाता को मताधिकार से वंचित करने का ना तो आधार है और न तो ऐसा होगा। मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सिर्फ एक नियम का पालन करना अनिवार्य है कि उसके पास निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमन्य पहचान पत्रों में से कोई एक अवश्य हो, जिसके द्वारा वह अपनी पहचान साबित कर सकें। भले ही उसके पास मतदाता पर्ची हो या ना हो।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सभी मतदाताओं को पर्ची न बांटे जाने को एक बड़ी साजिश की संज्ञा दे दी है। उनका कहना है की जिन मतदाताओं को मतदाता पर्ची नहीं मिली है, उनमें ज्यादातर सपा के समर्पित मतदाता हैं। वे इसे सपा प्रत्याशी को हराने की साजिश बता रहे हैं। उधर कांग्रेस के कुछ नेता भी इसी सुर में अपना सुर मिला रहे हैं। व्हाट्स ऐप समेत सोशल मीडिया के कुछ अन्य प्लेटफार्मों पर इसे ‘वोट पर्ची गबन’ नाम दिया गया है। जिला सचिव कांग्रेस कमेटी राजेश विश्वकर्मा के नाम से मतदाताओं को जारी एक हास्यास्पद ‘आवश्यक सूचना’ में बताया गया है कि “मल्हनी विधानसभा उपचुनाव में कुल वोट करने वाले मतदाता 365013 हैं पर दुख इस बात का है कि सिर्फ 342646 मतदाताओं की वोटर पर्ची बनी है। और 22367 मतदाताओं को नहीं मिली वोटर पर्ची। आखिर 22367 मतदाताओं का क्यों नहीं छपा पर्चा, आखिर कौन डालेगा इनका वोट सरकार या मशीन। वोट 22 हजार 3 सौ 67 वोटों को सरकार अपने बीजेपी के प्रत्याशी के पक्ष में करेगी मतदान। कृपया सभी लोग सावधान रहें।मतदान आप का अधिकार है जो बीजेपी सरकार छीन रही। बीजेपी लोकतंत्र के लिए व देश के लिए खतरा है।”

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