जीवन का ककहरा यहीं की देन है, अपने पैतृक गांव भुइला में कहा सीमा द्विवेदी ने

जौनपुर : ‘बचपन से यहीं पल-बढ़कर जीवन का ककहरा सीखने का अवसर मिला। मातृभूमि के जो भी ऋण हैं, उसे मैं उतारने के लिए तत्पर रहूंगी। यहां के लोगों के स्नेह और प्रेम से मैं अभिभूत हूँ औऱ विकास की किरण भी सूर्य की तरह पहले पूर्व से ही उगेगी।’ यह बातें नव निर्वाचित राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी ने अपने पैतृक गांव भुइला (सिकरारा) में कही। अपनी मातृभूमि पर मातासेवक उपाध्याय फाउंडेशन के तत्वावधान में राज्य सभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद सीमा द्विवेदी ने अपने प्रथम आगमन पर भव्य अभिनंदन एवं स्वागत कार्यक्रम के दौरान पंडाल में उपस्थित हजार के लगभग भीड़ के हर व्यक्ति के पास जाकर उनसे पुष्पगुच्छ लेकर बड़ों से आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम स्थल के द्वार पर ही ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बने मंच पर परिवार के नन्हे-मुन्नों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय द्वारा किया गया। इस दौरान बीएचयू के डॉक्टर अरुण द्विवेदी का स्वागत किया गया। आंगतुकों का स्वागत भाषण पूमावि के जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय, अध्यक्षता किया। कार्यक्रम को लालता प्रसाद यादव, घनश्याम उपाध्याय राष्ट्रपति पुरस्कृत सत्य प्रकाश पांडेय, दीनानाथ तिवारी सहित अन्य ने संबोधित किया।

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