जौनपुर की मछलीशहर सीट से पिछले संसदीय चुनाव का आरपीआई प्रत्याशी जालसाजी में गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने दो सहयोगियों को भी पकड़ा, एनजीओ की आड़ में चलाता था अपना रैकेट, सैकड़ों बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा कर वसूल चुका है लाखों रुपए .

जौनपुर। नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले एक गिरोह को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना और मुख्य जालसाज बृजेश कुमार जौनपुर की मछलीशहर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका है। नोएडा पुलिस ने उसके दो सहयोगियों को भी पकड़ा है। वह एनजीओ के नाम पर अपना जाल बुनता था और फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुका है। उसका रैकेट कई जिलों में काम कर रहा है।

नोएडा के सेक्टर 24 थाने की पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से पैसे ऐंठ कर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने के आरोप में जिस बृजेश को मोरना से गिरफ्त में लिया है वह अपना परिचय ‘डॉक्टर बृजेश कुमार वर्मा’ के तौर पर देता है। आरोपित के पास से 41,500 रुपये नकद बरामद हुए हैं।पता चला है कि बृजेश बीएससी पास है और इसने डिप्लोमा ऑफ ऑप्थोमेट्रिक्स कोर्स भी किया है। यही बृजेश कुमार पिछले साल 2019 में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के टिकट पर जिले की मछलीशहर सीट से लोकसभा चुनाव में अपना सियासी भाग्य भी आजमा चुका है। आरपीआई से इस चर्चित चुनाव क्षेत्र में उतरे बृजेश को 1,999 वोट मिले थे। पिछले लोकसभा चुनाव में मतगणना के दौरान जब पूरे देश में मोदी की सुनामी चल रही थी तो यह सीट चर्चा में रही है, क्योंकि वोटों की गिनती के दौरान देश की यह एक ऐसी सीट थी जहां पर बेहद कांटे का मुकाबला रहा और रात करीब 10 बजे विजयी प्रत्‍याशी का फैसला हो सका। भाजपा के बी.पी. सरोज ने बसपा के टी. राम को मात्र 181 वोटों से हराया था।

पुलिस ने बृजेश की निशानदेही पर दस्तावेज, मोबाइल फोन, डेस्कटॉप कम्प्यूटर भी बरामद किए हैं। उसके बताने पर पुलिस ने उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है। ग्रेटर नोएडा के डायट कैम्पस में रहने वाले महेश पटेल पुत्र छेदालाल (निवासी परम गांव, जिला रामपुर) और यहीं के राजवीर पुत्र कालीचरण (निवासी हसनपुर जागीर, थाना दनकौर) को गिरफ्तार किया गया है। गौतम बुद्ध नगर के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (लाॅ एण्ड आर्डर) लव कुमार के मुताबिक बृजेश कुमार वर्मा शातिर जालसाज है। उसने शिल्पी स्वयंसेवासंस्थान नाम से लखनऊ के पते पर एक एनजीओ का रजिस्ट्रेशन कराया था। उसने बेरोजगार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के नाम पर नोएडा के ग्राम चौड़ा रघुनाथपुर सेक्टर 22 में एक प्रशिक्षण केंद्र अक्टूबर 2020 में खोला। इसमें वह प्रशिक्षुओं को एक सप्ताह का सर्टिफिकेट कोर्स कराने के नाम पर बगैर प्रशिक्षण के ही सर्टिफिकेट देता था और 10 से 50 हजार रुपये की धनराशि सिक्योरिटी मनी के नाम पर लेता था। आरोप के मुताबिक बृजेश अब तक प्रशिक्षण केन्द्र से जुड़ी करीब 100 से अधिक महिलाओं और पुरुषों से लाखों रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में ले चुका है। इन्हें जिला समन्वयक, सलाहकार, ब्लाक समन्वयक, तहसील समन्वयक, जांच अधिकारी, रिपोर्ट अधिकारी, ब्यूटीशियन प्रशिक्षिका, सिलाई/कढ़ाई प्रशिक्षिका आदि पदों पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नियुक्त किया जाता था।

आरोपित ने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी को अपने एनजीओ की ओर से पत्र भेजकर नोएडा के 10 विद्यालयों की छात्राओं को सिलाई कढ़ाई का मुफ्त प्रशिक्षण देने की अनुमति मांगी थी। इस पत्र के आधार पर बीएसए ने संस्था को प्रशिक्षण देने के लिए अनुमति दे दी थी। इसी की आड़ में बृजेश ने बेरोजगार महिलाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सभी से सिक्योरिटी मनी जमा कराई। बृजेश ने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद जिले में भी इसी प्रकार के कार्यालय खोले और वहां भी इसी तरह के कार्य किए जा रहे हैं। आरोप है कि बृजेश मथुरा और अन्य जिलों में भी इसी तरह के फर्जी केंद्र खोलने वाला था। दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद में भी केंद्र खोले जाने और विद्यालयों में प्रशिक्षिकाओं की ओर से प्रशिक्षण दिए जाने के लिए अप्लाई किया गया था, लेकिन कोरोना की वजह से अनुमति नहीं मिली। बताया जाता है कि आरोपी ने अपना नाम बदल कर बृजेश सिंह उर्फ बृजेश गौतम नाम से 2011 में मैनपुरी जिले में भी इसी तरह जालसाजी की थी। फतेहपुर जिले में वर्ष 2013 में बृजेश कुशवाहा के नाम से धोखाधड़ी में वह जेल भी गया था।

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