यूपी में कोरोना संक्रमण पर लगी तेजी से लगाम, अब एक्टिव केस महज 868

घटते संक्रमण के मामलों के बीच नहीं थमने दी टेस्टिंग की रफ्तार , कम होते कोरोना संक्रमण के मामलों की गवाही दे रहे कोरोना मुक्‍त जनपद .

लखनऊ । प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को योगी सरकार ने तेजी से नियंत्रित किया है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में कम होते संक्रमण के मामलों के बीच टेस्टिंग की रफ्तार को थमने नहीं दिया गया। यूपी के गांवों से लेकर शहरों में जांच की प्रक्रिया तेजी से जारी है। जिसका परिणाम है कि सर्वाधिक आबादी वाले प्रदेश ने सबसे ज्‍यादा टेस्‍ट करने का खिताब कम समय में हासिल किया है। अब तक प्रदेश में कुल 6,40,50,235 टेस्‍ट किए जा चुके हैं वहीं रोजाना 2 लाख 50 हजार से अधिक टेस्‍ट किए जा रहे हैं। संभावित तीसरी लहर को ध्‍यान में रखकर प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। अब तक यूपी में चार करोड़ 45 लाख से अधिक टीकाकरण किया जा चुका है।

प्रदेश में कम होते कोरोना संक्रमण के मामलों की गवाही कोरोना मुक्‍त जनपद दे रहे हैं। जनपद अलीगढ़, बलरामपुर, बस्ती, एटा, फतेहपुर, हाथरस, महोबा, श्रावस्ती में आज एक भी कोरोना मरीज नहीं है। ये जनपद आज कोरोना मुक्त हैं। प्रदेश के 43 जिलों में इकाई अंकों में कोविड मरीज की संख्‍या दर्ज की गई है तो वहीं किसी भी जिले में संक्रमण के मामले दहाई अंकों में दर्ज नहीं किए गए। पिछले 24 घंटे में 2,50,406 सैंपल की जांच हुई जिसमें महज 43 सैम्पल में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 0.02 फीसदी रही।

एक हजार से कम हुए यूपी में सक्रिय केस

एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में हर दिन के साथ हालात में बेहतरी के संकेत मिल रहे हैं वहीं महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल, आंध्र प्रदेश और दिल्ली जैसे अपेक्षाकृत कम आबादी वाले राज्यों में संक्रमण का कहर अब भी जारी है। पॉजिटिविटी रेट कम नहीं हो रहा। इन प्रदेशों में कोरोना संक्रमण के सक्रिय केस हजारों की संख्‍या में दर्ज हो रहे हें इसके इत्‍तर यूपी में अब कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामले 1000 से भी घटकर 868 रह गए हैं। वहीं, 12 करोड़ की आबादी वाले महाराष्ट्र में 93479 सक्रिय केस हैं।

तेजी से बढ़ा यूपी का रिकवरी रेट

30 अप्रैल को 03 लाख 10 हजार 783 कोरोना मरीज के साथ प्रदेश का रिकवरी रेट 74.1 फीसद था। कोरोना काल के इस पीक अवधि से अगर ताजा स्थिति की तुलना करें तो महज ढाई माह में रिकवरी रेट 98.6 प्रतिशत हो गया है। आंकड़ों को गवाही लें तो 30 अप्रैल को हर 100 सैम्पल में से 14.1 फीसदी सैम्पल पॉजिटिव पाए गए थे, लेकिन अद्यतन स्थिति के मुताबिक पॉजिटिविटी रेट महज 0.02 फीसद रह गई है। पॉजिटिविटी रेट यानी जांच किए गए लोगों में मिले पॉजिटिव लोगों की संख्या यह दिखाने के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है कि कोरोना लहर की दूसरी लहर अब यूपी में नियंत्रित है।

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