जौनपुर में मतदाता पुनरीक्षण कार्य की मंडलायुक्त द्वारा समीक्षा

कलेक्ट्रेट के निरीक्षण में जनसूचना का सही समय पर जवाब न दिए जाने पर नाराजगी ,लाइसेंस धारकों के खोखे की जांच का निर्देश .

जौनपुर। जनपद में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत एवं विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है, जिसकी समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में आयुक्त, वाराणसी मंडल दीपक अग्रवाल द्वारा की गई। समीक्षा के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिया कि मतदाता सूची तैयार करने मे मेहनत एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें।  अपने जौनपुर दौरे में आयुक्त ने धान क्रय केंद्र फतेहगंज का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने धान बेचने आए एक किसान प्रवीण कुमार से पूछा कि धान क्रय केंद्र पर किसी भी प्रकार की कटौती तो नहीं की जा रही है, जिस पर किसान ने बताया कि कटौती नहीं की गई है।

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में विभिन्न पटलों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि वहां स्थापित पटल द्वारा जनसूचना का सही समय पर जवाब ही नहीं दिया जा रहा। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। चेताया कि इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा कई विभागों के रजिस्टर अपडेट नहीं मिले। कौन से काम लंबित हैं और कौन से पूरे कर लिए गए, इसकी इंट्री नहीं की गई थी। इस पर भी आयुक्त ने असंतोष जताया। इस दौरान उन्होंने न्याय सहायक, स्थानीय निकाय, बिल लिपिक, राजस्व सहायक, आयुध कार्यालय व भू-अभिलेखागार का निरीक्षण किया।

आयुक्त ने निर्देश किया कि आइजीआरएस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्वक समयबद्ध तरीके से करें। शिकायतों में जिस अधिकारी के द्वारा फर्जी अथवा सतही स्तर की रिपोर्ट लगाई जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट होना चाहिए। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने आयुक्त को बताया कि आइजीआरएस पर आने वाली शिकायतों में शिकायतकर्ताओं से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मंगलेश दुबे द्वारा फोन पर वार्ता कर निस्तारण की जानकारी प्राप्त की जाती है। आयुक्त ने बिल लिपिक से कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों के इनकम टैक्स कटौती का विवरण तैयार करें। राजस्व सहायक पटल के निरीक्षण के दौरान पटल सहायक द्वारा बताया गया कि 1231 आडिट आपत्तियों में से अभी 231 लंबित हैं।

उन्होंने समस्त आपत्तियों को शीघ्र निस्तारण कराने का निर्देश दिया। कहा कि हैसियत व चरित्र प्रमाण पत्र बनाने में ज्यादा विलंब न किया जाए। कहा कि दो साल से अधिक पुराने मामलों में आवेदनकर्ता द्वारा कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं तो उन्हें खारिज करें। हैसियत प्रमाण पत्र के 2019 के 18 व 2020 के 62 आवेदन लंबित होने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र प्रमाण पत्र जारी कराने का निर्देश दिया। आयुध कार्यालय में शस्त्र लिपिक को निर्देश दिया कि अब तक जो भी लाइसेंस धारक खोखे जमा कराते हैं उनकी जांच की जाए कि वह कारतूस उन्हीं के द्वारा खरीदे गए थे या नहीं। जिलाधिकारी ने बताया कि कमेटी बनाकर इसका सत्यापन कराया जा रहा है। भू-अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान कहा कि अभिलेखों का रख-रखाव सुरक्षित ढंग से किया जाए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर, मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामप्रकाश, मुख्य राजस्व अधिकारी राजकुमार द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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