विवाद में गोली मार कर पुत्र की हत्या करने वाले पिता को आजीवन कारावास

रिपोर्ट दर्ज कराने वाली मां और भाई के पक्षद्रोही होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर फैसला

जौनपुर। जिला जज मदन पाल सिंह ने बेटे की गोली मारकर हत्या करने वाले पिता को आजीवन कारावास और 10 हजार रु० अर्थदंड एवं आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष कारावास और 2 हजार रु० अर्थदंड से दंडित किया है। वारदात सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भकुरा गांव की थी। अपने फैसले में विद्वान न्यायाधीश ने कहा कि पिता द्वारा न केवल अपने युवा पुत्र की हत्या की गई बल्कि वारदात में पिता- पुत्र के पावन रिश्ते की भी हत्या हुई। जिस पिता की उंगली पकड़कर बेटे ने चलना सीखा और उसकी छत्रछाया में अपने भविष्य के सपने देखे। उसी के द्वारा हत्या किया जाना मानवीय रिश्तों व विश्वास का कत्ल है।
मृतक की मां सुषमा सिंह ने सरायख्वाजा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 22 मई 2019 को रात 8 बजे उसके पति शिव कुमार ने लाइसेंसी बंदूक से बेटे अमित पर फायर कर उसकी हत्या कर दिया। विवेचना से प्रकाश में आया कि तालाब में मछली डालने के विवाद को लेकर पिता ने गोली मारकर बेटे की हत्या की। वादिनी सुषमा सिंह की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी डीबीबीएल गन घर से पुलिस ने बरामद किया, जो जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गई। रिपोर्ट आई कि हत्या में प्रयुक्त 12 बोर कारतूस उसी डीबीबीएल गन की दाहिनी नाल से चला है। कोर्ट में डीजीसी अनिल सिंह कप्तान ने गवाहों को परीक्षित कराया।
वादिनी सुषमा सिंह और उसका दूसरा बेटा अंकित सिंह दोनों एफआईआर की बात से मुकर गए तथा कहा कि हम लोग बारात जाने की तैयारी कर रहे थे। अमित घर के अंदर से बंदूक लेकर दरवाजे पर पहुंचा तभी अचानक बंदूक से फायर हो गया और गोली उसके के पेट में लग गई। उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अदालत ने गवाहों के मुकरने के‌बावजूद बन्दूक की बरामदगी तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।

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