झड़प के बीच चल रहे सीवर लाइन कार्य से रेंगने लगा जौनपुर

काम की गुणवत्ता पर भी लगातार खड़े हो रहे सवाल

जौनपुर। नगरपालिका क्षेत्र में हो रहे सीवर लाइन कार्य से समूचा शहर अस्त व्यस्त हो गया है। नगर की अधिकतर गलियों व मार्गों को खोदकर छोड़ दिया गया है। इससे दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं, वहीं जाम भी लग रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक लगने वाले जाम से बेहद असुविधा महसूस कर रहे लोग काम करवा रहे लोगों से उलझ रहे हैं।दो दिन पहले जेल तिराहे से जोगियापुर के बीच खोदाई के कारण कटी पेयजल पाइपों और केबिल कटने के बाद उन्हें जोड़ने में कई दिनों तक किसी के परवाह न करने से भड़के नागरिकों और ठेकेदारी के लोगों में जम कर फंसाद हो गया। इसमें दोनों पक्षों के आठ से अधिक लोगों के जख्मी होने की सूचना है।

थाना लाइन बाजार पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाने के बाद फिर से शहर का सबसे अधिक व्यस्त, आवश्यक और प्रमुखतम मार्ग बंद कर दिया गया और तब से पूरा शहर फिर रेंग रहा है। अमृत योजना के तहत नगर में 365 किमी सीवर लाइन बिछाने का कार्य 225 करोड़ की लागत से पूरा करना है। फर्म व ठेकेदारों को काम देते समय बांड में सड़क की खोदाई का कार्य पूर्ण होने पर मरम्मत का भी आदेश रहता है, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी अधिकतर सड़कों की अभी तक मरम्मत नहीं हुई है। ऐसे में आरोप लग रहे हैं कि एक तरफ तो फर्म व ठेकेदार सड़क मरम्मत का पैसा गटक रहे हैं और दोबारा उसी सड़क के मरम्मत के लिए शासन से बजट की डिमांड जाएगी। अगर अधिकारियों की तरफ से संबंधित फर्म पर अभी नकेल नहीं कसी गई तो सरकार को करोड़ों का चपत लगना तय है।

महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक अमृत योजना के तहत सीवर लाइन का काम चल रहा है। इस परियोजना की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी विवाद खड़ा है। अगस्त 2019 में शुरू हुए इस काम को अप्रैल 2022 तक पूर्ण किया जाना है। उत्तरी छोर में दो सौ किमी तो दक्षिणी छोर में 165 किमी सीवर बिछाने का कार्य करना है। अभी तक केवल नगर में हुसैनाबाद, मियांपुर, रामनगर भड़सरा, गंगा पट्टी, कटघरा, नईगंज, वाजिदपुर, तारापुर, सहकारी कालोनी, परमानतपुर, भगौती कालोनी, हरईपुर, सेखपुर, कलीचाबाद, ओलंदगंज, टीडी कालेज, रोडवेज पर कार्य कराया जा चुका है। यहां की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिसे बनाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा काम की गुणवत्ता पर मजबूत उंगली उठाई जा रही हैं।

4.10 करोड़ में 75 लाख घोटाले का आरोप स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्त द्वारा जल निगम द्वारा कराए जा रहे सीवर लाइन कार्य में पहली भुगतान में घोटाले का आरोप लगाया गया है। 15 किमी सीवर लाइन कार्य के 4.10 करोड़ रुपये के भुगतान में बैरिकेडिग व टिबरिग कराए बगैर 75 लाख रुपये अतिरिक्त दिया गया है। इसमें सड़क को उसी स्थिति में देनी होती है जैसा निर्माण के समय था। व सिटी मजिस्ट्रेट अनिल अग्निहोत्री ने बताया कि जल निगम की पालिसी क्या है, इसके लिए अधिकारियों को बुलाया गया है। जैसा शासनादेश होगा उसी आधार पर काम कराया जाएगा।

आरोप हैं कि सीवर लाइन में घटिया ईंट ,सीमेंट मसाला का उपयोग हो रहा है। सीवर लाइन में बनाये गये चैम्बर में बनने के बाद अभी दरार पड़ गयी। न तो सीमेंट का सही उपयोग किया जा रहा है न ही मानक के अनुसार ईंट सीमेंट आदि लगाए जा रहे हैं। जो मानकों का 50 प्रतिशत भी पालन नहीं हो रहा है। फ़ोटो में जो चैम्बर दिखाई पड़ रहा है उसमे ईंट के ऊपर ईंट रखी है। सीमेंट नहीं के बराबर है। पाइप के नीचे कंक्रीट की ढलाई होनी है जो अधिकांश जगहों पर नहीं हुई। चैम्बर भी मानक के हिसाब नहीं हैं। घटिया सामग्री लगाई जा रही है।

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