जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सबसे अधिक फजीहत जौनपुर भाजपा की

*गठबंधन प्रत्याशी की मदद न करने की अपना दल नेताओं की शिकायत पर दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व गंभीर, दो दर्जन 'वोटरों' की नहीं मिल रही लोकेशन

जौनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में सबसे ज्यादा अपनी फजीहत भाजपा के नेता ही करवा रहे हैं। जिले में भाजपा के नेताओं ने पंचायत चुनाव की शुरुआत से ही राजनीति के समीकरण बनाने-बिगाड़ने की कोशिश में अपनी अच्छी-खासी किरकिरी करवा रखी है। हालत यह है कि अध्यक्ष पद पर निर्दल चुनाव लड़ाई जा रही भाजपा की जिला पंचायत सदस्य नीलम सिंह के समर्थन में खड़ी करीब आधी भाजपा के इस पैंतरे की कहानी राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख कर भाजपा के साथ उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल एस द्वारा भी इस मसले को गंभीरता से लेते हुए इसका संतोषजनक निपटारा करने का प्रयास किया जा रहा है।


अनुप्रिया पटेल की पार्टी “अपना दल एस” और भाजपा के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में गठबंधन होने के बावजूद गहरे मतभेद देखने को मिल रहे हैं। अपना दल एस का आरोप है कि भाजपा सहयोग नहीं कर रही है। अपना दल के उम्मीदवार के नामांकन में भी भाजपा जिला इकाई नहीं दिखी। यह भी आरोप है कि जिला भाजपा का एक बड़ा खेमा नीलम सिंह के साथ है, जो कि निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया है, इसके बावजूद भाजपा उनके साथ खड़ी दिख रही है। जौनपुर के निवासी और प्रतापगढ़ से अपना दल सांसद रहे कुंवर हरिवंश सिंह की बहू नीलम सिंह के साथ उनका परिवार भाजपा में है और नीलम सिंह के लिए भाजपा का एक खेमा चोरी चुपके वोट मांग रहा है। इस खेमे में पार्टी के तीन जन प्रतिनिधि और पार्टी की जिला इकाई के कई पदाधिकारी शामिल हैं, जो शीर्ष नेतृत्व के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए फिलहाल तो अपना दल की प्रत्याशी रीता पटेल का खुलेआम विरोध कर रहे हैं, वहीं तो दूसरा खेमा अपना दल के साथ खड़ा है दो जनप्रतिनिधि दूसरे खेमे में खड़े नजर आ रहे हैं, यह दोनों अपना दल प्रत्याशी रीता पटेल के साथ हैं।
अपना दल के प्रदेश सचिव पप्पू माली का आरोप यह भी है कि गठबंधन ने नीलम सिंह को टिकट नहीं दिया है। वह भाजपा की जिला पंचायत सदस्य के रूप में आज भी हैं। जब यह सीट गठबंधन में दूसरी पार्टी को चली गई है तो निर्दलीय लड़ना बगावत है। अपना दल सचिव ने भाजपा की जिला इकाई पर गठबंधन धर्म का पालन न करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, पुलिस-प्रशासन भी उनके आरोप के घेरे में है। उनके अनुसार निर्दलीय प्रत्याशी नीलम सिंह को पुलिस प्रशासन भी बैकडोर से सपोर्ट कर रहा है। राजनीतिक समीक्षक इसका फायदा विरोधी प्रत्याशियों को मिलते हुए देख रहे हैं।
उधर सियासी गलियारों में हो रही चर्चा में दावा किया जा रहा है कि जिला पंचायत के लगभग दो दर्जन सदस्यों की लोकेशन नहीं मिल रही हु। वे कहां गये हैं या किसके पास हैं, यह एक गम्भीर सवाल खड़ा हो गया है। चर्चाओं पर विश्वास करें तो सदस्य गण किसी प्रत्याशी के कब्जे में जनपद के बाहर वायुमार्ग से कहीं ले जाकर रखे गये हैं ताकि उनकी किसी दूसरे प्रत्याशी से मुलाकात न हो सके। ऐसे सभी सदस्यों के मोबाइल नम्बर भी आफ बताए जा रहे हैं।

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