जौनपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन में पांच महिलाओं ने पर्चे भरे, सभी वैध

जौनपुर। जिला पंचायत के अध्यक्ष के निर्वाचन हेतु कुल 5 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया। नामांकन के बाद मत पत्रों की जांच के सभी पर्चे वैध पाए गए। शनिवार को समाजवादी पार्टी से निशी यादव, अपना दल (एस) से रीता पटेल एवं सुनीता वर्मा, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में श्रीकला रेड्डी एवं नीलम सिंह ने अपना पर्चा भरा है। नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत किसी का भी पर्चा खारिज नहीं हुआ। इस बार यह पद महिला कोटे में आरक्षित है। अध्यक्ष चुनने के लिए कुल 83 सदस्य हैं, चुनाव जीतने के लिए 42 मतों की जरूरत होगी।

नामाकंन के दौरान सपाईयों ने पूरी ताकत झोंक दिया। सभी विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारियों ने पूरे जोश से कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपने प्रत्याशी का नामाकंन कराया। हमेशा कई खेमे में बटी रहने वाली पार्टी के लोग फिलहाल राष्ट्रीय नेतृत्व के कड़े तेवर के चलते एक साथ पूरी निष्ठा से जुटे दिखाई दे रहे हैं। लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव से जिला पंचायत सदस्यों की मुलाकात के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सपा की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर जिला पंचायत सदस्यों से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिले के तीनों विधायकों, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से बैठक कर सभी की जिम्मेदारी तय कर दी है।

यह तय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा मुखिया के सीधे दखल के बाद भी अगर पार्टी को सफलता नहीं मिली तो जिले के नेताओं को इसके लिए जवाब देना भारी पड़ सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर तीन बार से लगातार सपा का कब्जा रहा है। पार्टी इस चुनाव में भी इस सीट को गंवाना नहीं चाहती। अभी यह सीट सपा के ही कब्जे में रही। सपा के राजबहादुर यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा किया है। उनके पहले शारदा दिनेश चौधरी सपा से ही जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थी। इस बार सपा पुराने राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाली जिला पंचायत सदस्य निशी यादव को प्रत्याशी बनाया है। निशी यादव की सास कलावती यादव वर्ष 2005 से 2010 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। जबकि उनके पति डॉ. जितेंद्र यादव 2005 से 2015 तक जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। उनके ससुर स्व. राजबहादुर यादव रारी से तीन बार विधायक रहे, जबकि उनके जेठ स्व. अर्जुन यादव दो बार विधायक और एक बार सांसद रहे। भाजपा ने पहले ही अपना दल एस को समर्थन दे रखा है।

पूर्व सांसद हरिवंश सिंह ने सत्तारूढ़ दल भाजपा का टिकट पाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रखा था। लेकिन भाजपा सीधे चुनाव लड़ने से परहेज कर मैदान से हट गयी और आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरण के मद्देनजर अपनी सहयोगी पार्टी अपना दल के खाते में यह सीट दे दिया है। इसलिए पूर्व सांसद हरिवंश सिंह ने अपनी बहू नीलम सिंह को निर्दल प्रत्याशी बनवा दिया है। पूर्व सांसद धनन्जय सिंह ने भी कई राजनैतिक दलों का चक्कर लगाया। कहीं बात न बनने पर उन्होंने अपनी पत्नी श्रीकला रेड्डी को निर्दल चुनावी समर में उतार दिया है। अपना दल सूत्रों के मुताबिक सुनीता वर्मा को डमी प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कराया गया है।

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