जौनपुर के मूल निवासी महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री जावेद खान का मुम्बई में इंतकाल

जौनपुर। जनपद के शाहगंज तहसील अन्तर्गत पारा कमाल गांव के मूल निवासी एवं महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री जावेद खान का आज शनिवार की सुबह मुंबई में हृदयगति रुकने से इंतकाल हो गया। वे करीब 80 वर्ष के थे। प्रोफ़ेसर खान ने मुंबई कालेज में अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक के तौर पर अपना कैरियर शुरू किया था। राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद वे जीवन पर्यंत शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे। वह ओरिएंटल एजुकेशन सोसायटी और महाराष्ट्र एजुकेशनल सोसायटी के चेयरमैन थे।
मुंबई में अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान वे दो बार महाराष्ट्र से कांग्रेस के विधायक हुए। उन्होंने महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री तथा आवास और श्रम कल्याण मंत्री के तौर पर अपनी सेवाएं दी थी। वे 1999 से 2004 तक वे ‘सिडको’ के चेयरमैन रहे। गौरतलब है कि मुंबई का विस्तार होने पर नई मुंबई मैं आवासीय, व्यवसायिक और औद्योगिक विकास की तमाम परियोजनाएं सिडको के माध्यम से ही संचालित होती रही हैं।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने प्रोफेसर जावेद खान के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के गांव पारा कमाल से जावेद खान मुंबई आए थे। एक बार वे शिक्षा राज्य मंत्री और दो बार हाउसिंग बोर्ड एवं गृह निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर खान ने कई कालेज बनवाएं, जहां आज हजारों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जौनपुर में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रोफेसर जावेद खान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेंद्र त्रिपाठी ने प्रोफेसर जावेद खान से अपनी घनिष्ठता का जिक्र करते हुए उनको शिक्षाविद और निर्मल चरित्र का राजनीतिक बताया।
प्रोफेसर जावेद खान के पुत्र नदीम जावेद जौनपुर से 2012 में कांग्रेस पार्टी से विधायक चुने गए थे। वे वर्तमान में कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नदीम जावेद कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं और एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के क्रमशः राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं।

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