प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के कार्यक्रम को लेकर सबकी अटकी रहीं सांसें

सड़क मार्ग से जौनपुर आने और शहर के बीच से गुजरने के कारण घंटों दौड़-दौड़ कर हांकती रही पुलिस

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा एक संक्षिप्त दौरे पर रविवार को जौनपुर आए अपने निर्धारित कार्यक्रम से करीब एक घंटा विलंब से जौनपुर पहुंचे डॉ. दिनेश शर्मा को पुलिस ने गार्ड आफ आनर दिया। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. एस निर्मला मौर्य, जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक राजकिरन नय्यर एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री की अगवानी की।

डिप्टी सीएम ने कुलपति, जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक औपचारिक समीक्षा बैठक भी की। इसके बाद वे जंगीपुर कला स्थित (सरायख्वाजा क्षेत्र) प्रवीण मिश्र के घर त्रयोदशाह कार्यक्रम में शामिल होने चले गए। विशेष रुप से इसी कार्यक्रम में शामिल होने जौनपुर आए डिप्टी सीएम वहां से लौटकर लखनऊ रवाना हो गए। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से मुलाकात कर अखिल भारतीय गैर मान्यताप्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के लोगों‌ ने एक पीड़ित दिव्यांग शिक्षक की नियुक्ति के संबंध में एक फरियाद भी की। इस संबंध में प्रार्थना पत्र पर डिप्टी सीएम ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सचिव को कार्यवाही करने का निर्देश देते हुए कहा की प्रार्थी जाकर सचिव से मिले पत्र दे और समस्या का निदान कराए।

लगभग 2 घंटे के जौनपुर में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही पुलिस और प्रशासन हलकान था। क्योंकि उप मुख्यमंत्री को सड़क मार्ग से ही जौनपुर आना और वापस लखनऊ जाना था। इसके अतिरिक्त शहर के मध्य से शाही पुल होते हुए शाहगंज रोड पर सड़क मार्ग से ही त्रयोदशाह में शामिल होने के लिए जंगीपुर कला जाना था। इसलिए पूरे मार्ग पर जगह जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी पूरी पुलिस फोर्स सुरक्षा कारणों से चप्पे-चप्पे की निगरानी में जुटी रही।

रविवार का दिन होने के कारण मुख्य बाजार तो बंद था लेकिन छोटी-छोटी खाने-पीने, सब्जी, पान आदि दुकानें साप्ताहिक बंदी में आमतौर पर खुली रहती हैं वे दुकानें सुबह अपने रूटीन के हिसाब से खुलीं लेकिन 9 बजते बजते ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें दुकान बंद करवा कर हांक दिया। इधर उधर टहलने वाले ठेलों और खोमचे वालों को आने जाने वाले रास्तों को छोड़कर दूसरी तरफ हांक दिया गया। करीब 3 घंटे तो यातायात करीब-करीब प्रतिबंधित कर दिया गया था विशेष रुप से वाहनों के दिखाई देते हैं कई कई पुलिसवाले डंडा लेकर दौड़ लेते थे। दोपहर में करीब 2:10 बजे डिप्टी सीएम के शहर से बाहर होने के बाद सबने राहत की सांस ली। फील्ड में मौजूद एक पत्रकार की टिप्पणी थी कि “अब सब लोग सुरक्षित हैं और घर से बाहर आ सकते हैं।”

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