समीक्षा बैठक में डीएम का तेवर हुआ तल्ख ,कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा का तेवर आज खासा तल्ख हुआ। डीएम ने पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की ईयर टैगिंग कार्य में लापरवाही पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी तथा उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का वेतन तब तक रोके जाने का निर्देश दिया जब तक ईयर टैगिंग कार्य में सुधार न हो जाये।उन्होंने कहा कि जो सचिव रिकॉर्ड मेंटेन नहीं कर रहे हैं उनके ऊपर पेनाल्टी लगाएं।अधिशासी अभियंता जल निगम एवं दुग्ध विभाग के अधिकारी का कार्य संतोषजनक न होने पर विभागीय कार्रवाई हेतु विभाग के एमडी को पत्र प्रेषित किए जाने के निर्देश भी डीएम ने दिए।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है उन स्कूलों की सूची अधिशासी अभियंता विद्युत को उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि 10 बड़े बकायेदारों की सूची उपलब्ध करा कर उन्हें आर.सी. जारी करें तथा कैंप लगाकर विद्युत बिल सही करवा कर बिल जमा करवाना सुनिश्चित करें। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ग्राम विकास, पंचायती राज तथा पशुपालन विभाग मिलकर गांववार सर्वे कराकर निराश्रित पशुओं को चिन्हित करें तथा उन्हें गो-आश्रय में स्थानांतरित करें। जिले में 21 अस्थायी गौशालायें निर्माणाधीन है जिनकी मॉनिटरिंग करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी को दिए गए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक गौशाला बनाई जानी है। उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया कि न्याय पंचायत में गौशाला बनाने के लिए जमीन एक हफ्ते के अंदर उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए कैंप लगाएं। प्रत्येक विधानसभा में एक वृहद गौशाला बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की ईयर टैगिंग कार्य में लापरवाही करने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजेश कुमार का वेतन तब तक रोके जाने का निर्देश दिया जब तक ईयर टैगिंग कार्य में सुधार न हो जाये। सभी निर्माणाधीन पंचायत भवनों के लिए शत प्रतिशत मस्टर रोल जारी करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। एक्शन शाफ्ट तथा प्रिया शाफ्ट का सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों से कराया जाए।

उन्होंने कहा कि जो सचिव रिकॉर्ड मेंटेन नहीं कर रहे हैं उनके ऊपर पेनाल्टी लगाएं तथा विभागीय कार्रवाई की जाए। अधिशासी अभियंता जल निगम का कार्य संतोषजनक न होने पर विभागीय कार्रवाई हेतु जल निगम के एमडी को पत्र प्रेषित किए जाने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि गोमती नदी के किनारे की जमीन पर पार्क विकसित करें तथा नदी के किनारे स्थलों पर सामुदायिक शौचालय बनाए जिससे लोग खुले में शौच न करें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में भी सफाई कर्मियों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से ली जाएगी। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया गया कि मुसहर परिवारों, विकलांग तथा महिलायें जो पात्रता की श्रेणी में आते हैं उन सभी का राशन कार्ड बनवाया जाए। एसडीओ वन विभाग द्वारा कार्यो में शिथिलता बरतने पर चेतावनी जारी करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए।

दुग्ध विकास की समीक्षा के दौरान दुग्ध समितियों को सक्रिय करने में कोई रुचि नहीं दिखाई जाने पर दुग्ध विभाग के अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति पत्र भेजने का निर्देश दिया गया। उन्होंने सहकारिता विभाग के बड़े बकायेदारों के खिलाफ वारंट जारी करने के निर्देश दिए तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जो भी सहकारिता विभाग के बकायेदार रहे हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने के लिए एनओसी न जारी की जाए। सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित किया कि बाल मजदूरी पर अभियान चलाएं तथा बाल मजदूरी कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। श्रमिक पंजीयन के लक्ष्य इस माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।

50 लाख से ऊपर की योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा पाइप पेयजल योजना,आश्रय स्थल मीरपुर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट हुसैनाबाद, तालाब के सुंदरीकरण कार्य की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि समस्त योजनाओं में कार्य में प्रगति लाते हुए ससमय पूर्ण कराएं।जिलाधिकारी ने पाइप पेयजल योजनाओं के कार्य में तेजी लाये तथा गांव वालों को जागरूक करते हुए पानी का कनेक्शन दें। निर्माणाधीन सड़कों का कार्य समय से पूर्ण कराने तथा गड्ढा वाली समस्त सड़कों को शीघ्र गड्ढामुक्त करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला, मुख्य राजस्व अधिकारी राजकुमार द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी बी.बी. सिंह, उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र सिंह, अर्थ एवं संख्या अधिकारी आर.डी. यादव सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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