जौनपुर की पूर्व डीएम अपर्णा यू को जिला उपभोक्ता फोरम ने किया तलब

जौनपुर। मछलीशहर क्षेत्र की एक महिला की नसबंदी के दौरान मृत्यु होने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष शमशाद अहमद ने सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन अपर्णा यू को 12 मार्च की सुबह 11 बजे फोरम के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। महिला की मृत्यु के बाद मामले की जांच को गठित मेडिकल बोर्ड की कार्यशैली पर फोरम ने संदेह जताया है। मेडिकल बोर्ड की चेयरमैन अपर्णा यू थी।

फाईल फोटो

बृजेश कुमार निवासी ख्वाजापुर, मछलीशहर ने दो मई 2008 को उपभोक्ता फोरम में सीएचसी मछलीशहर के डाक्टर सुजीत कुमार यादव के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनके मुताबिक 31 जनवरी 2008 को वे अपनी पत्नी रेनू देवी को नसबंदी आपरेशन के लिए सीएचसी मछलीशहर ले गए थे। वहां तैनात डाक्टर सुजीत नसबंदी करने के लिए सहमत तो हुए लेकिन रुपये की मांग की। एतराज करने पर नाराज हो गए। नसबंदी के दौरान रेनू की मृत्यु हो गई। मामले में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट अपर्णा यू की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड गठित हुआ। बोर्ड ने जांच आख्या न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत की। जांच आख्या मेडिकल बोर्ड के डाक्टर आरए सिंह, डाक्टर केके चक्रवर्ती व डाक्टर रीता चटर्जी ने दी।

फोरम अध्यक्ष के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत हुई। रिपोर्ट में तीनों डाक्टरों के लघु हस्ताक्षर तो हैं लेकिन उसके नीचे कोई तिथि अंकित नहीं है। जांच आख्या पर तत्कालीन सीएमओ डाक्टर शारदा शुक्ला, तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट व चेयरमैन मेडिकल बोर्ड अपर्णा यू के भी न तो हस्ताक्षर हैं और न ही कोई तिथि अंकित है। फोरम अध्यक्ष ने कहा कि इससे मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया, कार्यशैली एवं सार्वभौमिकता पर संदेह उत्पन्न होता है। अपर्णा यू को कोर्ट ने नियत तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वस्तु स्थिति से अवगत कराने का आदेश दिया। कहा कि मामला अत्यंत प्राचीन है। आदेश के अनुपालन में कोई त्रुटि न हो। आदेश की कापी मौजूदा व तत्कालीन सीएमओ व तीनों चिकित्साधिकारियों को भी भेजी गई है।

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