आधी रात तक इंतजार कर मां अन्नपूर्णा का दर्शन किया जौनपुर के श्रद्धालुओं ने

जौनपुर। करीब 108 साल बाद अपने धाम लौटी मां अन्नपूर्णा के आगमन को जनपद के लोगों ने अपनी श्रद्धा से ऐतिहासिक बना दिया। मां के दर्शन के लिए रविवार की देर रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जगह-जगह पुष्प वर्षा हुई और लोगों ने दर्शन, पूजन, भजन आदि माध्यमों से अपनी श्रद्धा मां अन्नपूर्णा के चरणों में समर्पित किया। माता के दर्शन को हर कोई बेताब नजर आया। घंटों विलंब से पहुंचने के बावजूद देवी के दर्शन के लिए लोग धैर्यपूर्वक खड़े रहे। मूर्ति का जगह-जगह लोगों ने दर्शन किया। स्वागत समारोहों और श्रद्धालुओं की पुष्प वर्षा के बीच मां अन्नपूर्णा पुनर्स्थापना यात्रा का लोग घंटों इंतजार करते रहे।

मां अन्नपूर्णा की शोभा यात्रा देर रात जनपद की सीमा में प्रवेश कर विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए वाराणसी सीमा की तरफ मध्यरात्रि में प्रवेश कर गई। इस शोभा यात्रा को ऐतिहासिक व यादगार बनाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में किया गया। मां अन्नपूर्णा के ऐतिहासिक शोभायात्रा के साक्षी शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि गण, सहित आम जनमानस बने। हजारों श्रद्धालुओं, प्रशासनिक अधिकारीयों और जनप्रतिनिधियों द्वारा माँ अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति का स्वागत किया गया। ब्राह्मणों के द्वारा वैदिक मंत्रोचार कर पुष्पवर्षा करते हुए पूजन-अर्चन कर मां की आरती उतारी गयी। भाजपा के साथ साथ विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों ने मां अन्नपूर्णा के भव्य स्वागत के लिए पंडाल व मंच व्यवस्था के साथ कीर्तन-भजन भी किया।

एक लम्बे कालखंड ‌के‌ बाद कनाडा से वापस लौटी माता अन्नपूर्णा देवी की दुर्लभ मूर्ति की शोभायात्रा ने दिल्ली से वाराणसी जाते समय रविवार की रात 9:25 बजे मुंगराबादशाहपुर की सीमा इटहरा में प्रवेश किया। जहां राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक रमेश चंद्र मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, पूर्व सांसद केपी सिंह, ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष शिव गोविंद साहू,पूर्व अध्यक्ष कपिल मुनि गुप्ता, विहिप के काशी प्रांत मंत्री कृष्ण गोपाल आदि के नेतृत्व में जोरदार स्वागत किया गया। शोभायात्रा के स्वागत के लिए जगह-जगह (स्वागत द्वार) बनाए गए थे।

शोभा यात्रा इटहरा बॉर्डर से होते हुए प्राचीन दौलतिया हनुमान मंदिर पर पहुंची जहां पर क्षेत्र के विद्वान पंडितों ने 51 दीपों से माता अन्नपूर्णा की आरती उतारी। शोभायात्रा ने मंदिर से होते हुए नगर के मुख्य मार्ग में प्रवेश किया। जहां पर जगह-जगह फूलों के स्वागत द्वार बनाए गए थे। माताएं और बहनें सहित श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। लोग घरों के ऊपर से पुष्पा वर्षा कर आशीर्वाद लिया। समूचे नगर में बने पांच स्वागत गेटों को फूल मालाओं तथा विद्युत झालरों को सजाकर शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।

वहां से शोभायात्रा मछली शहर और सिकरारा होते हुए जौनपुर शहर पहुंची जौनपुर शहर के पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर कोतवाली चौराहे तक जगह जगह शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और आधी रात में भी मौजूद महिलाओं और बच्चों के साथ श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन पूजन किया। चहारसू चौराहे पर दो धार्मिक संगठनों द्वारा स्वागत का भव्य आयोजन किया गया था। यहां आचार्य पंडित निशाकांत द्विवेदी और भाजपा नेता विमल सिंह के नेतृत्व में स्वागत हुआ।

कोतवाली चौराहे पर स्वागत के लिए बनाए गए बने पंडाल में शाम से ही शुरू भजन कार्यक्रम देर रात 2.20 पर प्रतिमा के आगमन तक जारी रहा, जिसमें मुख्य रुप से अवनींद्र कुमार तिवारी, दीपक पाठक, विवेक वरदान आदि कलाकारों ने भजनों के द्वारा श्रद्धालुओं को बांधे रखा। आचार्य पंडित रजनीकांत द्विवेदी और आचार्य पंडित गंगाधर शुक्ल ने मंत्रोच्चार के साथ मां अन्नपूर्णा का पूजन किया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने ऐतिहासिक यात्रा के संदर्भ में कहा है कि जनपद के हम सभी लोग भाग्यशाली हैं, जो मां अन्नपूर्णा की शोभायात्रा के साक्षी बने।

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