संस्कृति के अनुरूप व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण ही वास्तविक शिक्षा :आनंदी बेन पटेल

युवा पीढ़ी को किताबी ज्ञान से निकाल कर व्यवहारिक ज्ञान तक लाने पर प्रो. पंजाब सिंह का जोर, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में 73 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान

जौनपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में बतौर कुलाधिपति छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी संस्कृति के अनुरूप अपने व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करें यहीं वास्तविक शिक्षा है। नई शिक्षा नीति- 2020 राष्ट्रीय चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण के साथ देश को उन्नत राष्ट्र की श्रेणी में खड़ी करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी फूल की तरह गुणवान होने के साथ-साथ विनम्र बनें। कुलाधिपति ने कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं कि उच्च शिक्षा का अवसर मिला है। इस शिक्षा को सार्थक करें। समाज में जो भी चुनौतियां हैं, उसे दूर करने के लिए पहल करें। बाल विवाह, दहेज जैसी बुराइयों को दूर करने करने के लिए आवाज उठाएं। यह बुराई जहां भी हो, घर-परिवार में भी विरोध करें। उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए हर कॉलेज-शिक्षक एक-एक मरीज को गोद लें।

समारोह के मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि झांसी के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह ने कहा कि भारत एक युवा देश है। युवाओं के मामले में हम विश्व के सबसे समृद्ध देश हैं। युवाओं में ऊर्जा है, उत्साह है, उमंग है, उत्सुकता है, असीमित संभावनाओं से युक्त कल्पनाओं की उड़ान है। सपनों को देखने और पूरा करने की हिम्मत है। भारत सरकार की नई शिक्षा नीति देश के युवाओं में उड़ान भरने के लिए पंख लगाने एवं पुराने गौरव को प्राप्त करने का प्रयास है। हमें अपनी युवा पीढ़ी को सही मायने में शिक्षित करना होगा, उन्हें किताबी ज्ञान से बाहर निकाल कर व्यवहारिक ज्ञान की सीमाओं तक लाना होगा। हमारा युवा नौकरी देने वाला उद्यमी बने, न कि नौकरी ढूंढने वाला।

उन्होंने कहा कि विश्व गुरु बनने के लिए भारत को नए सिरे से जी-तोड़ मेहनत करनी होगी। इसके के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में क्रन्तिकारी सुधार लाने होंगे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि बौद्धिक विकास की यह प्रयोगशाला अपने उद्देश्यों के निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कोविड काल में भी विवि निरन्तर प्रगति पथ पर अग्रसर रहा है। कुलाधिपति श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने मंगलवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में 73 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। इसके साथ ही 67 शोधार्थियों को पीएच. डी. की उपाधि दी गई। कक्षा 6 से 8 के 51 बच्चों को स्कूल बैग भी उपहार में दिए गए।
दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद् एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए।

 

 

 

 

दीक्षांत समारोह का संचालन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। संचालन प्रो. अजय द्विवेदी ने और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया।इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो. पी.सी. पातंजलि, प्रो. सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू, विधायक डॉ. लीना तिवारी, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. मानस पाण्डेय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. रामनारायण, डॉ. मनोज मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. वंदना राय, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. विजय सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. राज कुमार, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. प्रमोद यादव, अशोक सिंह, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. राकेश यादव, डॉ. जगदेव, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. विजय प्रताप तिवारी, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. केएस तोमर, डॉ. अवध बिहारी सिंह, कर्मचारी संघ अध्यक्ष रामजी सिंह, पीके कौशिक, श्याम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

 

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