अदालत ने बिजली चोरी का दोष सिद्ध होने पर लगाया 145000 का अर्थदंड

जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश EC एक्ट प्रकाश चंद शुक्ल ने बिजली चोरी का आरोप सिद्ध पाए जाने पर उपभोक्ता पर 145000 अर्थदंड की सजा सुनाई है | अर्थदंड न जमा करने पर 1 माह का कारावास और ₹100000 विद्युत विभाग उत्तर प्रदेश को देने का भी आदेश सुनाया है।
अभियोजन के अनुसार मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर में 15 वर्ष पूर्व 22 फरवरी 2006 को उपखंड अधिकारी एसपी पांडेय ने दिलीप दुबे पुत्र हरखमणी दुबे को कटिया मारकर डायरेक्ट केबल जोड़कर आटा चक्की और स्पेलर चलाते हुए रंगे हाथ पकड़ा। उपखंड अधिकारी एसपी पांडे की तहरीर पर दिलीप दुबे के खिलाफ मड़ियाहूं कोतवाली में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ | विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दिया। विद्युत विभाग के विशेष अभियोजक राज कपूर श्रीवास्तव ने अदालत में गवाहों को परीक्षित कराया और तर्क दिया कि आरोपित की वजह से अवैध विद्युत चोरी से विद्युत विभाग एवं सरकार को राजस्व की काफी क्षति हुई है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी द्वारा ₹ 145000 जुर्माना तुरंत जमा किया गया।

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