मुंगराबादशाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल पार्टी से निलंबित

अपनी प्रतिद्वंदी सीमा द्विवेदी को राज्यसभा के लिए भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद सुषमा पटेल ने मुलाकात की थी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से , किसी से मिलना-जुलना गुनाह नहीं, कहा बसपा विधायक ने .

सीमा द्विवेदी

जौनपुर। जिले के मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र से बसपा विधायक सुषमा पटेल को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने निलंबित कर दिया है। वह राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बसपा से निलंबित होने वाले 7 विधायकों में शामिल हैं। इस कार्रवाई पर सुषमा पटेल ने असंतोष जताया है। विधायक ने कहा कि उन्हें जनता ने चुना है और वह जनता की सेवा के लिए सदैव काम करती रहेंगी। किसी से मिलना-जुलना गुनाह नहीं है।

मुंगराबादशाहपुर विधायक सुषमा पटेल ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से बुधवार को मुलाकात की थी। इसके पहले ही बसपा के पांच अन्य विधायक भी अखिलेश से मिले थे और राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी नेतृत्व के फैसले पर असंतोष जताया था। इसके बाद उनके सपा में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जाने लगे। हालांकि सपा में शामिल होने की बात को बसपा विधायक ने सिरे से खारिज कर दिया है। कयास यह है कि राज्यसभा चुनाव में वह सपा का समर्थन कर सकती हैं। पूछे जाने पर विधायक सुषमा पटेल ने अखिलेश यादव से मुलाकात की बात को स्वीकार किया। कहा कि सपा मुखिया से राज्यसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत हुई, लेकिन यह एक औपचारिक मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि वे बसपा की विधायक हैं और पूरी तरह से पार्टी के ही साथ हैं।

बकौल सुषमा पटेल मिलना-जुलना सामाजिक जीवन में स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए। बसपा अध्यक्ष मायावती  ने जो भी कार्यवाई की है, वह स्वीकार्य है। पार्टी उनकी है, लिहाजा वह ऐसा कर सकती हैं। मलाल बस इतना है कि कार्रवाई से पहले उनका पक्ष भी जानना चाहिए था। उन्होंने मीडिया से कहा है कि हमने कोई गलती नहीं की है। मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। फिलहाल किसी पार्टी में भी नहीं जा रही हूं। आगे भविष्य में क्या होगा, इस पर परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। विधायक के रूप में जनता की सेवा के लिए समर्पित भाव से काम करती रहूंगी। गौरतलब है कि सुषमा पटेल अपने क्षेत्र की ही विधायक रही कद्दावर भाजपा नेता सीमा द्विवेदी को भाजपा की लहर के बाद भी बड़े अंतर से हरा कर 1917 में विधायक निर्वाचित हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने सीमा द्विवेदी को राज्यसभा के लिए अपने प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा है।

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