समर्पण के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर और कस रहा कानूनी शिकंजा, चलेगा गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा

एमपी/ एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 3 अन्य पर भी तय किए आरोप, अपराध से अर्जित अकूत संपत्ति भी खतरे में

जौनपुर। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर कानूनी शिकंजा और अधिक कस रहा है। मऊ के गोहना के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह और उसके साथी मोहर सिंह की छह जनवरी को लखनऊ में हत्या की साजिश रचने के आरोप में फरारी काटने वाले बाहुबली धनंजय सिंह ने भले ही आत्मसमर्पण कर दिया है, लेकिन उनके ऊपर आपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं। खबर मिली है कि अब धनंजय सिंह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा चलेगा। प्रयागराज की एमपी/ एमएलए स्पेशल कोर्ट ने धनंजय सिंह पर गैंगस्टर के आरोप तय किए हैं, अब धनंजय पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा चलेगा।

जौनपुर के केराकत थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला लिया है। धनंजय सिंह के क्रिमिनल रिकॉर्ड के आधार पर जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने यह आरोप तय किया है। धनंजय के साथ ही तीन अन्य लोगों पर भी आरोप तय हुए हैं। आरोपित आशुतोष सिंह, सुशील सिंह उर्फ डब्बू और पुनीत सिंह के खिलाफ भी गैंगस्टर के आरोप हैं। एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह को सुनने के बाद कोर्ट ने यह आरोप तय किया है। कोर्ट ने धनंजय को न्यायिक हिरासत में एक अप्रैल तक के लिए जेल भेज दिया। धनंजय ने एक पुराने मामले में अपनी जमानत तोड़वा कर जेल जाने की यह कवायद यूपी पुलिस की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा धनंजय सिंह द्वारा अपराध से बनाई गई अकूत संपत्ति कुर्क करने की दिशा में की जा रही कार्रवाई से बचनेके लिए की थी।

पुलिस के अनुसार धनंजय सिंह के लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर छह फ्लैट व मकान, दो फार्म हाउस, विभिन्न स्थानों पर स्टैंड, गोमतीनगर में लैब, कई अवैध कंपनी, दिल्ली, जौनपुर, मऊ, वाराणसी, फतेहगढ़, बाराबंकी में कई मकान, फ्लैट, फार्म हाउस, झारखंड में कई स्थानों पर ईंट भट्टे हैं। इसकी कुर्की की तैयारी चल रही थी। कोर्ट में समर्पण के बाद भी फिलहाल पुलिस कार्रवाई से धनंजय को राहत मिलती नहीं दिख रही है। गौरतलब है कि एसटीएफ की टीम गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम घोषित करके धनंजय सिंह के सभी ज्ञात ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। पुलिस-प्रशासन ने धनंजय की अर्जित चल-अचल संपत्ति कुर्क किए जाने के साथ ही सात माह पूर्व हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत को भी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। नमामि गंगे परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल से रंगदारी मांगने व अपहरण मामले को लेकर धनंजय सिंह पहले से ही प्रदेश सरकार के निशाने पर थे।

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