स्थलीय निरीक्षण के बाद 424 बैनामे में 4 करोड़ 62 लाख की स्टांप चोरी चिन्हित

जौनपुर। जिले में भू खंडों के हुए बैनामे में बड़े पैमाने पर स्टांप चोरी की रिपोर्ट है। जिला प्रशासन व रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों द्वारा लेखपत्रों व भूमि का स्थलीय निरीक्षण करके यह मामले पकड़े गए हैं। नौ माह में हुए बैनामे में करीब 424 के लेखपत्रों में कुल चार करोड़ 62 लाख की स्टांप चोरी चिन्हित की गई है। पकड़े गए मामलों में संबंधितों पर स्टांप वाद दर्ज करके वसूली की कार्रवाई की जा रही है।

जिले में भूमि के बैनामों के लिए सभी तहसीलों सदर, बदलापुर, मछलीशहर, केराकत, मड़ियाहूं व शाहगंज में रजिस्ट्री कार्यालय है। वर्ष 2020-21 में अप्रैल से अब तक हुई भूमि की रजिस्ट्री के कुल बैनामों में से 1200 बैनामा लेखपत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिसमें विभिन्न तहसीलों के कुल 776 लेखपत्रों का मूल्यांकन सही पाया गया लेकिन 424 लेखपत्रों में कुल चार करोड़ 62 लाख 26 हजार की चोरी पाई गई। इसमें सभी पर वाद दायर करने के बाद नोटिस भेजी जाएगी। चाहे तो वह जुर्माना व ब्याज के साथ स्टांप शुल्क जमा करें या फिर उनके मुकदमे की सुनवाई चलेगी।

दिसंबर में 213 लेखपत्रों की जांच की गई, इसमें 144 भूमि बैनामों के स्टांप सही पाई गई, जबकि 69 भूमि बैनामों में स्टांप की कमी पाई गई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक कुल 77 लाख 55 हजार की स्टांप चोरी चिन्हित की गई। एआईजी स्टांप प्रवीण कुमार सिंह ने नौ माह में कुल 256 भूमि बैनामा के लेखपत्रों की जांच की। इसमें उनके द्वारा 52 भूमि बैनामों में लेखपत्रों में गड़बड़ी पकड़ी गई। इसमें 53 लाख चार हजार रुपये के स्टांप की कमी पाई गई।

 

गौरतलब है कि भूमि के बैनामों के बाद उसमें लगाए गए स्टांप की जांच प्रति माह कराई जाती है। इसमें डीएम को प्रति माह पांच बैनामा, एडीएम को 25 बैनामा, एआईजी स्टांप को 50, सब रजिस्ट्रार सदर को 20 व अन्य तहसील के सब रजिस्ट्रार को 10-10 बैनामों के स्टांप की जांच के लिए स्थलीय निरीक्षण करना होता है। इसके अलावा यह सभी अधिकारी अपनी स्वेच्छा से अधिक स्थलीय निरीक्षण कर सकते हैं।

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