प्रधान हत्याकांड में दो नामजद और एक अज्ञात को पकड़ने के लिए लगीं पुलिस की 6 टीमें

जौनपुर। सरायख्वाजा पुलिस ने निवर्तमान ग्राम प्रधान व सपा नेता राजकुमार यादव‌ की सरेआम हत्या के मामले में मृतक के पुत्र की तहरीर पर दो नामजद और एक अज्ञात के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया है। हत्यारों की तलाश में एसपी ने छह पुलिस टीमें लगायी हैं। मृत प्रधान के पुत्र अमित यादव ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या करने की तहरीर में लिखा है कि सरायखाजा थाना क्षेत्र के मनिया गांव के निवासी सतीश सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे पिता राजकुमार यादव को गोली मारकर मौत के घाट उतारा है। इस हत्या की साजिश व रेकी मखमेलपुर गांव के निवासी उभाष पुत्र रामजस यादव ने किया था। पुलिस इस मामले में धारा 302,34 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश में जुट गयी है। राजकुमार की हत्या को करीब दो वर्ष पूर्व हुई सपा नेता लालजी यादव की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। उड़ली गांव निवासी लालजी को सिद्दीकपुर गांव के पास दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था।

लालजी मृतक राजकुमार यादव के नजदीकी रिश्तेदार थे। वह इस हत्या में पैरवी भी कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, उन्हें पैरवी न करने की धमकी भी मिली थी। हालांकि पुलिस कई पहलुओं पर घटना की जांच कर रही है। लालजी यादव सपा की लोहिया वाहिनी में सचिव रहे और भी सपा के मुख्य संगठन में सक्रिय थे। उनकी भाभी दुर्गावती यादव वार्ड संख्या जिला पंचायत सदस्य भी है। लालजी के भाई की लड़की की शादी राजकुमार के पुत्र से हुई है। समधी होने के नाते वह लालजी की हत्या के मामले में पैरवी कर रहे थे। घरवालों के मुताबिक मुकदमे में उनकी दखलंदाजी से विरोधी पक्ष असंतुष्ट था। उसने राजकुमार को इस विवाद से हटने की धमकी दी थी, लेकिन उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया था। घटनास्थल पर मौजूद लोग बार-बार लालजी की हत्या में शामिल बदमाशों का ही नाम लेकर अपना गुस्सा जता रहे थे। उनका कहना था कि राजकुमार की छवि अच्छी थी। किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी।

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