टीजीटी परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कर रही एक महिला समेत 3 पकड़े गए

जौनपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के जरिए पास कराने का ठेका लेने वाले गिरोहों की तलाश में जुटी पुलिस

जौनपुर। टीडी पीजी कालेज में दो दिवसीय टीजीटी परीक्षा के पहले दिन में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से नकल कर रही एक महिला पकड़ी गई है। उधर डोभी स्थित कर्रा कालेज में भी नकल करते दो सगे भाई पकड़े गए। खबर मिली है कि टीडीपीजी कालेज के कला संकाय भवन के कमरा नम्बर 36 में सुनीता मौर्या नामक महिला परीक्षा दे रही थी , वह कान में ईयर फोन लगाए हुए थी। कक्ष निरीक्षक को शंका हुई तो उन्होंने महिला पुलिस के माध्यम से उसकी तलाशी करायी। तलाशी के दौरान उसके कान में लगी एक डिवाइस मिली जिसके माध्यम से वह साल्वर के निरन्तर सम्पर्क में थी और उसी माध्यम से प्रश्न हल कर रही थी। पुलिस उसे हिरासत में लेकर इस रैकेट से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दूसरी ओर थाना चन्दवक क्षेत्र अंतर्गत डोभी स्थित गणेश राय पीजी कालेज (कर्रा कालेज) में जनपद के थाना सिंगरामऊ क्षेत्र स्थित सीतापुर निवासी दो सगे भाई धीरेन्द्र और विरेन्द्र नकल करते हुए पकड़े गये हैं। इनके खिलाफ पुलिस ने मुअसं 162/21 से धारा 419, 420, 467, 468, एवं 3/9 परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
गौरतलब है कि विभिन्न तरीकों से साल्वरों के जरिए टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक)की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह काफी सक्रिय हैं। परीक्षा के पहले वाराणसी में एसटीएफ की टीम ऐसे ही एक गिरोह के सरगना, सॉल्वर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसटीएफ वाराणसी इकाई की पूछताछ में गिरोह के सरगना अशोक कुमार पाल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के जरिए पास कराने का ठेका 12 से 15 लाख में लिया जाता है। खुद गिरोह का सरगना प्रयागराज में कई नवयुवकों को कोचिंग देता है। गिरफ्तार अशोक के अनुसार गिरोह में उसके साथी जौनपुर के रामपुर थाना अंतर्गत गंधौना निवासी डॉ. बृजेश पाल और जौनपुर के बरसठी थाना का मानिकपुर गांव निवासी संदीप विश्वकर्मा है। इसमें हमारा सॉल्वर भी होता हैं, पेपर आउट कराने वाला भी होता है और फोटो मिक्सिंग कर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी एडमिट कार्ड व अन्य आईडी तैयार करने वाला भी है। अभ्यर्थियों व सॉल्वर के फोटो मिक्सिंग करने का काम जौनपुर के मछलीशहर के तरसांव गांव निवासी रमेश करता है। इस कार्य में सभी का हिस्सा बंटा रहता है। एसटीएफ की पूछताछ में सरगना अशोक ने बताया कि डॉ. बृजेश पाल प्रयागराज में पतंजलि क्लीनिक सेंटर में चिकित्सक है। पुलिस प्रकाश में आए अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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